तत्त्वमसि” एक संस्कृत महावाक्य है जिसका अर्थ है “तू वही है” या “वह तुम ही हो”। अर्थात् में और तुम एक ही है । हम सब एक ही है । यह हिन्दू धर्म के छांदोग्य उपनिषद से लिया गया है और अद्वैत वेदांत दर्शन का एक प्रमुख वाक्य है। यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत आत्मा… Continue reading तत्त्वमसि “में और तुम, हम सब एक ही है”