॥ श्री महागणपति मंत्र जपः || 1. स्वस्ति वाचनम् हाथ में जल, पुष्प, अक्षत लेकर स्वस्ति वाचन बोला जाय। यह शुभ कार्यों की सफलता, शान्ति, सार्थकता एवं मंगलमय पूर्ति के समय कल्याण कारक मन्त्र है। ॐ गणानांत्वा गणपति हवामहे प्रियाणांत्वा प्रियपति हवामहे निधीनांत्वा निधिपति हवामहे वसोमम । आहमजानिगर्भधमात्वमजासिगर्भधम् ।।1।। ॐ स्वस्तिनऽइन्द्रोवृद्धश्रवाः स्वस्तिनः पूषा विश्ववेदाः ।… Continue reading श्री महागणपति मंत्र