Jagrayam Foundation

व्यं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहितः

व्यं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहितः jagrayam.org Think tank for developing legal awareness studies & Aid, Legislative Research Campaigns in various fields of Civic affairs, Human rights, Democratic reforms, Protection for Cultural Heritage, Climate change, Sustainable Environment, Forest conservation, etc.

जागृयाम फाउंडेशन

1 जागृयाम फाउंडेशन का मुख्य लक्ष्य पूरा विश्व एक परिवार , वसुधैव कुटुंबकम् है। सभी मनुष्यों के लिए जीवन आनन्दमय हो । 2. सभी लोगों के भीतर दिव्यता, शांति और सदभाव के लिए जागरूकता उत्पन्न कर स्वर्ग के अवतरण की स्थिति प्राप्त करना। 3. आध्यात्मिक शुद्धता और सामाजिक मानसिक चेतना के लिए जागरूकता पैदा करना।… Continue reading जागृयाम फाउंडेशन

शिव

शिव शिव ही प्रकृति हे, प्रकृति ही शिव है , शिव ही लय प्रलय हे, शिव आदि सृजन और अनंत हे, शिव रूद्र महादेव महेश हे, शिव अमरनाथ केदारेश्वर विश्वनाथ सोमनाथ हे, केलाश मैकाल और ओंकार भी शिव हे, शिव ही कालो का भी काल, महाकाल है भगवान शिव ! वन्दे देव उमापतिम सुरगुरुं वन्दे… Continue reading शिव

चरैवेति चरैवेति” ऐतरेय ब्राह्मण 1

चरैवेति चरैवेति” ऐतरेय ब्राह्मण 1 “चरैवेति चरैवेति” ऐतरेय ब्राह्मण 1: कठोर परिश्रम करने वाले व्यक्ति को ही भांति-भांति की श्री यानी वैभव/संपदा प्राप्त होती हैं , एक ही स्थान पर निष्क्रिय बैठे रहने वाले विद्वान व्यक्ति तक को लोग तुच्छ मानते हैं । विचरण में लगे जन का इन्द्र यानी ईश्वर साथी होता है ।… Continue reading चरैवेति चरैवेति” ऐतरेय ब्राह्मण 1

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वेद विश्व के प्राचीनतम साहित्य,सनातन हिन्दुओं के आधारभूत धर्मग्रन्थ, जिन्हें ईश्वर की वाणी माना जाता है, २०० करोड़ वर्ष से शाश्वत प्रमाणिक शास्त्र ग्रंथ

वेद विश्व के प्राचीनतम साहित्य हैं,सनातन हिन्दुओं के आधारभूत धर्मग्रन्थ, जिन्हें ईश्वर की वाणी माना जाता है,जिनके मन्त्र आज भी प्रासंगिक वेद विश्व के प्राचीनतम 200 करोड़ वर्ष से हैं,सनातन हिन्दुओं के आधारभूत धर्मग्रन्थ, जिन्हें ईश्वर की वाणी माना जाता है,जिनके मन्त्र आज भी प्रासंगिक तथा उपयोगी हे. वेदों को सनातन धर्म का आधार माना… Continue reading वेद विश्व के प्राचीनतम साहित्य,सनातन हिन्दुओं के आधारभूत धर्मग्रन्थ, जिन्हें ईश्वर की वाणी माना जाता है, २०० करोड़ वर्ष से शाश्वत प्रमाणिक शास्त्र ग्रंथ

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वेद एवं उपनिषदों के महा मंत्र

वेद एवं उपनिषदों के महा मंत्र ज्ञान के अजस्त्र स्त्रोत महासागर । सं गच्छध्वम् सं वदध्वम्।। (ऋग्वेद 10.181.2) अर्थात: साथ चलें मिलकर बोलें। उसी सनातन मार्ग का अनुसरण करो जिस पर पूर्वज चले हैं। प्रथम श्लोक… श्लोक : ।।ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।। -ऋग्वेद अर्थ : उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक,… Continue reading वेद एवं उपनिषदों के महा मंत्र

सनातन धर्म

सनातन धर्म सनातन धर्म, हिंदू धर्म का प्राचीन नाम है. इसे वैदिक धर्म भी कहा जाता है. अनेक प्राचीन ग्रन्थ और इतिहास में इसे ब्राह्मण धर्म के नाम से भी संबोधित किया गया ! सनातन धर्म की कुछ विशेष बातेंः सनातन शब्द का मतलब है ‘शाश्वत’ या ‘सदा बना रहने वाला’. इसका मतलब है कि… Continue reading सनातन धर्म

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एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति” ऋग्वेद 1.164.46

एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति” ऋग्वेद (1.164.46) एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति” ऋग्वेद (1.164.46) का एक प्रसिद्ध वैदिक सूक्त है, जिसका अर्थ है- “सत्य या ईश्वर एक ही है, लेकिन ज्ञानी लोग उसे अलग-अलग नामों से पुकारते हैं”। यह सनातन धर्म में निहित विविधता में एकता, सर्वधर्म समभाव और उदारता के दर्शन को दर्शाता है, जहाँ परम… Continue reading एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति” ऋग्वेद 1.164.46

आदि शंकराचार्य के २५३२ वर्ष ! शंकराचार्य का जन्म युधिष्ठिर संवत् २६३१ वैशाखशुक्लापंचमी अर्थात् ५०६ वर्ष ईसा पूर्व हुआ था

शुभ शंकराचार्य जयंती आदि शंकराचार्य ; आदि शंकराचार्य के २५३२ वर्ष ! शंकराचार्य का जन्म युधिष्ठिर संवत् २६३१ वेशाख शुक्ल पंचमी को हुआ था! jagrayam.org सनातन हिन्दू धर्म के महान प्रवर्तक जगतगुरु आदि शंकराचार्य को कौन नहीं जानता ! अधिकतर इतिहास प्रमाण गणना कार मानते हैं कि शंकराचार्य का जन्म ५०६ ईस्वी पूर्व हुआ था… Continue reading आदि शंकराचार्य के २५३२ वर्ष ! शंकराचार्य का जन्म युधिष्ठिर संवत् २६३१ वैशाखशुक्लापंचमी अर्थात् ५०६ वर्ष ईसा पूर्व हुआ था

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अक्षय तृतीया! परशुराम जन्मोत्सव ! पौराणिक ग्रंथों मान्यताओ के अनुसार बेशाख़ शुक्ल तृतीया अत्यंत स्वयंसिद्ध मुहूर्त

अक्षय तृतीया या आखा तीज वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। वैसे तो सभी बारह महीनों की शुक्ल पक्षीय तृतीया शुभ होती है, किंतु… Continue reading अक्षय तृतीया! परशुराम जन्मोत्सव ! पौराणिक ग्रंथों मान्यताओ के अनुसार बेशाख़ शुक्ल तृतीया अत्यंत स्वयंसिद्ध मुहूर्त

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