सनातन धर्म के कुछ प्रमुख मंत्र श्लोक
गायत्री मंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः),
महामृत्युंजय मंत्र (ॐ त्र्यम्बकं यजामहे),
ॐ, ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय,
असतो मा सद्गमय, और
सर्व मंगल मांगल्ये आदि हैं
ये मंत्र जीवन में शांति, ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं और इनका जाप किसी भी समय किया जा सकता है।
प्रमुख मंत्र और श्लोक
1. ॐ
यह सनातन धर्म का सबसे शक्तिशाली और मौलिक मंत्र माना जाता है।
2. गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्।।
यह मंत्र प्र ज्ञान और सद बुद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
3. महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे। सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनात्। मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
यह मंत्र मृत्यु पर विजय पाने और मोक्ष प्राप्ति के लिए है।
4. ॐ नमः शिवाय
यह भगवान शिव का प्रसिद्ध पंचाक्षरी मंत्र है, जो शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए है।
5. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
यह भगवान विष्णु को समर्पित मंत्र है, जो उनकी भक्ति और आशीर्वाद के लिए किया जाता है।
6. असतो मा सद्गमय
असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मामृतं गमय।।
इस मंत्र का अर्थ है कि हमें असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर और मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो।
7. सर्व मंगल मांगल्ये
सर्व मंगल मांगल्ये। शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि। नारायणि नमोऽस्तु ते।।
यह देवी दुर्गा का मंत्र है, जो सभी प्रकार के मंगल और कल्याण की कामना करता ।