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देव पूजनम

श्रीमन्न महागणपति नमः जय श्री चिन्तामण इच्छामन सिद्धिविनायक गणपति देव ॐ श्री परमात्मने नमः। ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्ये माक्षर्भि यजत्राः । स्थिरै रङ्गै स्तुष्टु वां सस्तनूभिः । व्यशेम देव हितं यदायुः ॥ (1) पवित्र करण ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपिवा । यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः ।। (2) आचमनम् ॐ… Continue reading देव पूजनम

शिव

शिव शिव ही प्रकृति हे, प्रकृति ही शिव है , शिव ही लय प्रलय हे, शिव आदि सृजन और अनंत हे, शिव रूद्र महादेव महेश हे, शिव अमरनाथ केदारेश्वर विश्वनाथ सोमनाथ हे, केलाश मैकाल और ओंकार भी शिव हे, शिव ही कालो का भी काल, महाकाल है भगवान शिव ! वन्दे देव उमापतिम सुरगुरुं वन्दे… Continue reading शिव

सनातन धर्म के महत्त्वपूर्ण शक्तिशाली मंत्र श्लोक

सनातन धर्म के कुछ प्रमुख मंत्र श्लोक गायत्री मंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः), महामृत्युंजय मंत्र (ॐ त्र्यम्बकं यजामहे), ॐ, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, असतो मा सद्गमय, और सर्व मंगल मांगल्ये आदि हैं ये मंत्र जीवन में शांति, ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं और इनका जाप किसी भी समय… Continue reading सनातन धर्म के महत्त्वपूर्ण शक्तिशाली मंत्र श्लोक

नित्य पूजा संक्षिप्त

नित्य पूजा ( संक्षिप्त ) श्री गणेशाय नमः। ॐ श्री परमात्मने नमः। ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्ये माक्षर्भि यजत्राः । स्थिरै रङ्गै स्तुष्टु वां सस्तनूभिः । व्यशेम देव हितं यदायुः ॥ (1) पवित्र करण ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपिवा । यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः ।। (2) आचमनम् ॐ अमृतोपस्तरणमसि स्वाहा… Continue reading नित्य पूजा संक्षिप्त

संक्षिप्त यज्ञ (हवन )पद्धति

संक्षिप्त यज्ञ-हवन पद्धति (1) हवन के उपयुक्त समिधाएं—आम, पीपल, गूलर, ढाक, बरगद, छोंकर।   (2) हवन के उपयुक्त हविष्यान्न—जौ 1 भाग, चावल 2 भाग, तिल 3 भाग, शकर 4 भाग।   (3) हवन सामग्री—चन्दन, अगर, तगर, गूगल, जायफल, जावित्री, दालचीनी, तालीस पत्र, लौंग, बड़ी इलायची, इन्द्र जौ, कपूर, कचरी, आंवला, बालछड़, नागकेशर, गिलोय, पटोल पत्र,… Continue reading संक्षिप्त यज्ञ (हवन )पद्धति

श्री त्रिपुरसुंदरी षोडशी श्रीविद्या

श्री त्रिपुरसुंदरी षोडशी श्रीविद्या माँ षोडशी त्रिपुर सुन्दरी देवी मंत्र माँ की पूजा तीन स्वरूपों में होती है : 1. बाल सुंदरी- 8 वर्षीया कन्या रूप में 2. षोडशी त्रिपुर सुंदरी – 16 वर्षीया सुंदरी 3. ललिता त्रिपुर सुंदरी- युवा स्वरूप मुख्य नाम : महा त्रिपुरसुंदरी। अन्य नाम : श्री विद्या, त्रिपुरा, श्री सुंदरी, राजराजेश्वरी,… Continue reading श्री त्रिपुरसुंदरी षोडशी श्रीविद्या

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श्री पीताम्बरा बगलामुखी माला मंत्र 

श्री पीतांबरा बगलामुखी मंत्रा ॐ  ह्ल्रां ह्ल्रीं ह्ल्रूं ह्ल्रैं ह्ल्रौं ह्ल्रः  हूँ क्षम् फट् स्वाहा !! श्री पीताम्बरा बगलामुखी माला, खड्गमाला , ब्रह्मास्त्र माला मन्त्र ॐ अस्य श्री पीताम्बरा बगलामुखी खड्गमाला ब्रह्मास्त्रमाला मन्त्रस्य नारायण ऋषिः, त्रिष्टुप् छन्दः, बगलामुखी देवता, ह्लीं बीजं, स्वाहा शक्तिः, ॐ / फट कीलकं, ममा अभीष्ट सिद्धयर्थे सर्वशत्रु-क्षयार्थे जपे विनियोगः । हृदयादि-न्यास… Continue reading श्री पीताम्बरा बगलामुखी माला मंत्र 

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श्री अथर्वण भद्रकाली महा महाप्रत्यंगिरा परमेश्वरी शुद्ध शक्ति सम्बुद्धयन्त माला महा मंत्र

श्री प्रत्यङ्गिरा स्तोत्र ॐ ऐं ह्रीं श्रीं प्रत्यंगिरे मां रक्ष-रक्ष मम शत्रून् भंजय-भंजय फे हुं फट् स्वाहा ॐ ह्रीँ क्षँ भक्ष ज्वाला जिह्वे करालदंष्त्रे प्रत्यङ्गिरे क्षँ ह्रीँ हुं फट् । ॐ ह्रीं प्रत्यङ्गिरायै नमः ! प्रत्यङ्गिरे अग्निं स्तम्भय | जलं स्तम्भय | सर्वजीव स्तम्भय | सर्वकृत्यां स्तम्भय | सर्वरोग स्तम्भय | सर्वजन स्तम्भय | ऐं ह्रीं… Continue reading श्री अथर्वण भद्रकाली महा महाप्रत्यंगिरा परमेश्वरी शुद्ध शक्ति सम्बुद्धयन्त माला महा मंत्र

गायत्री मंत्र

गायत्री मन्त्र हिन्दू ब्राह्मणों का मूल मंत्र है, विशेषकर उनका जो जनेऊ धारण करते हैं। इस मंत्र के द्वारा वे देवी का आह्वान करते हैं। यह मंत्र सूर्य भगवान को समर्पित है। इसलिए इस मंत्र को सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पढ़ा जाता है। वैदिक शिक्षा लेने वाले युवकों के उपनयन और जनेऊ संस्कार के समय भी इस मंत्र का उच्चारण किया जाता है।… Continue reading गायत्री मंत्र

श्री महादुर्गा सप्तशती तथा दस महाविद्या के बीज मन्त्र

श्री महादुर्गा सप्तशती तथा दस महाविद्या के बीज मन्त्र श्री गणेशाय नमः “ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च।गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव: सर्वे ग्रहा: शांति करा भवंतु।।” ॐ कालभैरवाय नमः ॐ ह्रीं बटुकाय आपद उद्धारनाय कुरू कुरू बटुकाय ह्रीं ॐ फट ॐ भ्रां कालभैरवाय फट् ॐ क्रीं क्रीं कालभैरवाय फट तीक्ष्ण दंष्ट्र महाकाय… Continue reading श्री महादुर्गा सप्तशती तथा दस महाविद्या के बीज मन्त्र