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संक्षिप्त यज्ञ (हवन )पद्धति

संक्षिप्त यज्ञ-हवन पद्धति (1) हवन के उपयुक्त समिधाएं—आम, पीपल, गूलर, ढाक, बरगद, छोंकर।   (2) हवन के उपयुक्त हविष्यान्न—जौ 1 भाग, चावल 2 भाग, तिल 3 भाग, शकर 4 भाग।   (3) हवन सामग्री—चन्दन, अगर, तगर, गूगल, जायफल, जावित्री, दालचीनी, तालीस पत्र, लौंग, बड़ी इलायची, इन्द्र जौ, कपूर, कचरी, आंवला, बालछड़, नागकेशर, गिलोय, पटोल पत्र,… Continue reading संक्षिप्त यज्ञ (हवन )पद्धति

श्री त्रिपुरसुंदरी षोडशी श्रीविद्या

श्री त्रिपुरसुंदरी षोडशी श्रीविद्या माँ षोडशी त्रिपुर सुन्दरी देवी मंत्र माँ की पूजा तीन स्वरूपों में होती है : 1. बाल सुंदरी- 8 वर्षीया कन्या रूप में 2. षोडशी त्रिपुर सुंदरी – 16 वर्षीया सुंदरी 3. ललिता त्रिपुर सुंदरी- युवा स्वरूप मुख्य नाम : महा त्रिपुरसुंदरी। अन्य नाम : श्री विद्या, त्रिपुरा, श्री सुंदरी, राजराजेश्वरी,… Continue reading श्री त्रिपुरसुंदरी षोडशी श्रीविद्या

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श्री पीताम्बरा बगलामुखी माला मंत्र 

श्री पीतांबरा बगलामुखी मंत्रा ॐ  ह्ल्रां ह्ल्रीं ह्ल्रूं ह्ल्रैं ह्ल्रौं ह्ल्रः  हूँ क्षम् फट् स्वाहा !! श्री पीताम्बरा बगलामुखी माला, खड्गमाला , ब्रह्मास्त्र माला मन्त्र ॐ अस्य श्री पीताम्बरा बगलामुखी खड्गमाला ब्रह्मास्त्रमाला मन्त्रस्य नारायण ऋषिः, त्रिष्टुप् छन्दः, बगलामुखी देवता, ह्लीं बीजं, स्वाहा शक्तिः, ॐ / फट कीलकं, ममा अभीष्ट सिद्धयर्थे सर्वशत्रु-क्षयार्थे जपे विनियोगः । हृदयादि-न्यास… Continue reading श्री पीताम्बरा बगलामुखी माला मंत्र 

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श्री अथर्वण भद्रकाली महा महाप्रत्यंगिरा परमेश्वरी शुद्ध शक्ति सम्बुद्धयन्त माला महा मंत्र

श्री प्रत्यङ्गिरा स्तोत्र ॐ ऐं ह्रीं श्रीं प्रत्यंगिरे मां रक्ष-रक्ष मम शत्रून् भंजय-भंजय फे हुं फट् स्वाहा ॐ ह्रीँ क्षँ भक्ष ज्वाला जिह्वे करालदंष्त्रे प्रत्यङ्गिरे क्षँ ह्रीँ हुं फट् । ॐ ह्रीं प्रत्यङ्गिरायै नमः ! प्रत्यङ्गिरे अग्निं स्तम्भय | जलं स्तम्भय | सर्वजीव स्तम्भय | सर्वकृत्यां स्तम्भय | सर्वरोग स्तम्भय | सर्वजन स्तम्भय | ऐं ह्रीं… Continue reading श्री अथर्वण भद्रकाली महा महाप्रत्यंगिरा परमेश्वरी शुद्ध शक्ति सम्बुद्धयन्त माला महा मंत्र

वर्ष प्रतिपदा अर्थात् चैत्र शुक्ल प्रतिपदा : नवसंवत्सर का महत्व

वर्ष प्रतिपदा अर्थात् चैत्र शुक्ल प्रतिपदा : नवसंवत्सर का महत्व १)ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि का सृजन २)भगवान विष्णु ने मत्स्यावतार लिया ३)सतयुग का प्रारंभ हुआ था। ४)श्रीराम का राज्‍याभिषेक ५)माँ दुर्गा नवरात्र साधना व्रत प्रारम्‍भ ६)युगाब्‍द का आरंभ ७)युधिष्‍ठिर का राज्याभिषेक ८)उज्‍जयिनी सम्राटविक्रमादित्‍य द्वारा विक्रमी संवत् प्रारम्‍भ ९)शालिवाहन शक संवत् (भारत सरकार का राष्‍ट्रीय पंचांग) का… Continue reading वर्ष प्रतिपदा अर्थात् चैत्र शुक्ल प्रतिपदा : नवसंवत्सर का महत्व

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यज्ञ ( हवन ) सनातन  हिंदू धर्म का एक अत्यंत प्राचीन पवित्र महत्वपूर्ण अनुष्ठान

यज्ञ (हवन) हिंदू धर्म का एक प्राचीन, पवित्र अनुष्ठान है, जिसमें अग्नि के माध्यम से देवताओं को आहुति (हविष्य) अर्पित की जाती है। हवन (यज्ञ या अग्निहोत्र) यह त्याग, समर्पण और परोपकार की भावना को दर्शाता है, जो वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ संपन्न होता है। यज्ञ का मुख्य उद्देश्य वायु शोधन, रोग निवारण, मानसिक शांति और… Continue reading यज्ञ ( हवन ) सनातन  हिंदू धर्म का एक अत्यंत प्राचीन पवित्र महत्वपूर्ण अनुष्ठान

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गायत्री मंत्र

गायत्री मन्त्र हिन्दू ब्राह्मणों का मूल मंत्र है, विशेषकर उनका जो जनेऊ धारण करते हैं। इस मंत्र के द्वारा वे देवी का आह्वान करते हैं। यह मंत्र सूर्य भगवान को समर्पित है। इसलिए इस मंत्र को सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पढ़ा जाता है। वैदिक शिक्षा लेने वाले युवकों के उपनयन और जनेऊ संस्कार के समय भी इस मंत्र का उच्चारण किया जाता है।… Continue reading गायत्री मंत्र

श्री महादुर्गा सप्तशती तथा दस महाविद्या के बीज मन्त्र

श्री महादुर्गा सप्तशती तथा दस महाविद्या के बीज मन्त्र श्री गणेशाय नमः “ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च।गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव: सर्वे ग्रहा: शांति करा भवंतु।।” ॐ कालभैरवाय नमः ॐ ह्रीं बटुकाय आपद उद्धारनाय कुरू कुरू बटुकाय ह्रीं ॐ फट ॐ भ्रां कालभैरवाय फट् ॐ क्रीं क्रीं कालभैरवाय फट तीक्ष्ण दंष्ट्र महाकाय… Continue reading श्री महादुर्गा सप्तशती तथा दस महाविद्या के बीज मन्त्र

श्री हनुमान बालाजी उपासना

श्री गणेशाय नमः श्रीवातात्मजय नमः श्री हनुमते नमः, अंजनीसुताय नमः, वायुपुत्राय नमः, महाबलाय नमः, रामेष्टाय नमः, फाल्गुण सखाये नमः, पिंगाक्षाय नमः, अमितविक्रमाय नमः, उदधि क्रमणे नमः, सीता शोक विनाशने नमः, लक्ष्मण प्राणदात्रे नमः, और दशग्रीव दर्पहा नमः “मोरि सुधारिहि सो सब भाँती। जासु कृपा नहिं कृपाँ अघाती॥” हनुमान जी के मंत्र  ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं… Continue reading श्री हनुमान बालाजी उपासना

श्री महागणपति मंत्र

जय श्री चिंतामण इच्छामन सिद्धिविनायक गणपति सदा प्रसन्न 1स्वस्ति वाचनम् ॐ गणानांत्वा गणपति हवामहे प्रियाणांत्वा प्रियपति हवामहे निधीनांत्वा निधिपति हवामहे वसोमम । आहमजानिगर्भधमात्वमजासिगर्भधम् ।।1।। ॐ स्वस्तिनऽइन्द्रोवृद्धश्रवाः स्वस्तिनः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्तिनस्ताक्र्ष्योऽअतरिष्ट नेमिः स्वस्तिनो वृहस्पतिर्दधातु ।।2।। ॐ पयः पृथिव्यां पयऽओषधीषु पयोदिव्यन्तरिक्षे पयोधाः । पयस्वतीः प्रदिशः सन्तु मह्यम् ।।3।। ॐ विष्णोः राटमसि विष्णोः श्नप्त्रेस्थोः विष्णोः स्पूरसि विष्णोर्ध्रुंवोऽसि… Continue reading श्री महागणपति मंत्र